यशायाह 42:25
इस कारण उस पर उसने अपने क्रोध की आग भड़काई और युद्ध का बल चलाना; और यद्यिप आग उसके चारों ओर लग गई, तौभी वह न समझा; वह जल भी गया, तौभी न चेता॥
Therefore he hath poured | וַיִּשְׁפֹּ֤ךְ | wayyišpōk | va-yeesh-POKE |
upon | עָלָיו֙ | ʿālāyw | ah-lav |
him the fury | חֵמָ֣ה | ḥēmâ | hay-MA |
anger, his of | אַפּ֔וֹ | ʾappô | AH-poh |
and the strength | וֶעֱז֖וּז | weʿĕzûz | veh-ay-ZOOZ |
of battle: | מִלְחָמָ֑ה | milḥāmâ | meel-ha-MA |
fire on him set hath it and | וַתְּלַהֲטֵ֤הוּ | wattĕlahăṭēhû | va-teh-la-huh-TAY-hoo |
round about, | מִסָּבִיב֙ | missābîb | mee-sa-VEEV |
knew he yet | וְלֹ֣א | wĕlōʾ | veh-LOH |
not; | יָדָ֔ע | yādāʿ | ya-DA |
burned it and | וַתִּבְעַר | wattibʿar | va-teev-AR |
him, yet he laid | בּ֖וֹ | bô | boh |
it not | וְלֹא | wĕlōʾ | veh-LOH |
to | יָשִׂ֥ים | yāśîm | ya-SEEM |
heart. | עַל | ʿal | al |
לֵֽב׃ | lēb | lave |